मंगलुरु , फरवरी 07 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि केन्द्र सरकार ने हाल ही में मेट्रो किराया बढ़ाने से पहले राज्य सरकार से सलाह नहीं ली यह फैसला केन्द्र में सक्षम अधिकारियों द्वारा मेट्रो रेलवे (परिचालन एंड देखरेख) अधिनियम, 2002 के तहत लिया गया था।
श्री शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से कहा कि केन्द्र सरकार के सचिव किराया तय करने वाली समिति के अध्यक्ष हैं और उन्होंने ही यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, "उन्होंने हमसे सलाह नहीं ली। उनके पास अधिकार है, क्योंकि केन्द्र सरकार के सचिव अध्यक्ष हैं। उन्होंने यह फैसला लिया है।"श्री शिवकुमार ने कहा, "मैं जनता को कोई परेशानी नहीं पहुंचाना चाहता और बेंगलुरु लौटने के बाद इस मामले पर आगे चर्चा करने की योजना बना रहा हूं। मैं इस फैसले के वित्तीय ढांचे की भी समीक्षा करूंगा।"उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष की इस आलोचना को भी खारिज करने की कोशिश की कि किराया बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा कि यह मामला राज्य के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और उन्हें किराये के बारे में कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। उन्होंने सवाल किया कि राज्य केंद्रीय कानून के तहत गठित समिति को कैसे प्रभावित कर सकता है? उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजनाओं में केंद्र का योगदान सीमित था और किराया तय करने वाली समिति की सिफारिशें बाध्यकारी थीं।
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