शिलांग , जनवरी 14 -- मेघालय स्वदेशी महिला परिषद (एमआईडब्ल्यूसी) ने बंगलादेशी नागरिकों के भारत में अवैध प्रवेश पर चिंता व्यक्त की है।

एमआईडब्ल्यूसी की अध्यक्ष बायथीग्रेस दखर ने बुधवार को कहा, "यह चौंकाने वाली बात है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद बंगलादेशियों को भारत में लाया जा रहा है। इससे निगरानी एवं सुरक्षा दोनों में गंभीर कमियां उजागर होती हैं।"एमआईडब्ल्यूसी की अध्यक्ष ने कहा कि बंगलादेशी नागरिकों की घुसपैठ स्थानीय समुदायों की सुरक्षा, संपत्ति एवं आजीविका के लिए खतरा है जिससे घरों, खेतों और दुकानों में चोरी, उत्पीड़न एवं शोषण बढ़ने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि अवैध प्रवेश न केवल स्थानीय सुरक्षा को खतरे में डालता है बल्कि स्वदेशी समुदायों की संस्कृति, भूमि अधिकारों एवं पहचान को भी खतरे में डालता है।"यह आरोप लगाते हुए कि कुछ स्थानीय लोग बाहरी लोगों को सीमा सुरक्षा की अवहेलना करने में मदद कर रहे हैं, सुश्री दखर ने 21 जून, 2015 को हुई घटना की ओर इशारा किया जिसमें लाद्रिमबई "बी" के निवासी एवरजॉय सियांगशई, डेविड दखर और अर्पण सियांगशई नामक व्यक्तियों पर बंगलादेशी नागरिकों के अवैध आवागमन को सुलभ बनाने में शामिल होने का आरोप लगा था।

सुश्री दखर ने अधिकारियों से लाडरिम्बई, सू किलो, ल्यू सीमेंट (सुतंगा) और सीमेंट कारखानों में निरीक्षण सहित तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया क्योंकि इन क्षेत्रों में हाल के वर्षों में प्रवासी आबादी में तेजी से वृद्धि हुई है।

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