शिलांग , अप्रैल 11 -- मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार पूरे राज्य में बुजुर्गों के लिए घरों का निर्माण करेगी ।

श्री संगमा ने शिलांग के मावियोंग रिम में 'नबोन मेमोरियल होम' का उद्घाटन करने के बाद कहा, "मैं यह देखने के लिए बहुत उत्सुक हूं कि हम इन 'बुढ़ापा केंद्रों' को कैसे चला सकते हैं और अपने बुजुर्गों व वरिष्ठ नागरिकों के फायदे के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ कैसे मिलकर काम कर सकते हैं।"नबोन मेमोरियल होम' का नाम 'का नबोन' के नाम पर रखा गया है। वह खासी पहाड़ियों की पहली ईसाई महिला थीं जिन्होंने इस धर्म को अपनाया था। यह केंद्र आशा और करुणा का एक आश्रयस्थल बनेगा, जहां समुदाय की बेसहारा और अपनों द्वारा छोड़ दी गई महिलाओं का स्वागत किया जाएगा और उनकी देखभाल की जाएगी। यहां यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और देखभाल के साथ रहने के लिए एक सुरक्षित और खुशनुमा जगह मिले। यह केंद्र 'जिंगियासेंग क्यंथेई शिलांग री-लुम प्रेस्बिटरी' की एक पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घरों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य 'सक्रिय और खुशहाल बुढ़ापे' को बढ़ावा देना है।इन 'बुढ़ापा केंद्रों' के संचालन में आंगनवाड़ी केंद्रों की एक महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका होगी। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी केंद्र किसी भी बच्चे के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं और 'मिशन 1000 डेज' में इनकी अहम भूमिका है। ये आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों और बुजुर्गों के बीच मेल-जोल बढ़ाने में एक सेतु का काम कर सकते हैं।" उन्होंने कहा कि युवाओं और बुजुर्गों के बीच इस तरह के मेल-जोल से समाज में एक खुशहाल माहौल बनेगा।

श्री संगमा ने कहा, "छोटे बच्चे बुजुर्गों के साथ घुलना-मिलना और उनका सम्मान करना सीखेंगे, वहीं बुजुर्ग बच्चों को जीवन के मूल्यों के बारे में सिखा सकते हैं और उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ सकते हैं।" उन्होंने कहा कि ये केंद्र 'पीढ़ियों के मिलन स्थल' होंगे। ये ऐसे जीवंत केंद्र होंगे जहां हमारे बुजुर्ग और बच्चे एक साथ आएंगे।

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