विलियमनगर , जनवरी 26 -- मेघालय पुलिस ने पूर्वी गारो हिल्स जिले के डुरा बावेग्रा गांव के पास जंगल क्षेत्र से हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया है।

पुलिस सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस को संदेह है कि यह हथियार और विस्फोटक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (GNLA) और गैरकानूनी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के उग्रवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए थे, जो पहले इस क्षेत्र में सक्रिय थे।

पूर्वी गारो हिल्स के पुलिस अधीक्षक स्टीफन रिंजहा ने बताया कि विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर रविवार को डुरा बावेग्रा गांव के पास घने जंगल में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान उग्रवादियों द्वारा जमीन में दबाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद, आईईडी और विस्फोटक बरामद किए गए। इन उग्रवादियों के गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी और यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम से जुड़े होने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि बरामद सामग्री में एक एके-56 राइफल, एक एके मैगजीन, तीन पिस्तौल दो मैगजीन के साथ, एक डबल बैरल देसी राइफल और देसी ट्रिगर मैकेनिज्म, विस्फोटक उपकरणों के लिए सात डिले मैकेनिज्म, एके 7.62 एमएम के 99 जिंदा कारतूस, 7.65 एमएम के चार जिंदा कारतूस, 50 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 11 शॉटगन कारतूस तथा तीन लीटर के प्रेशर कुकर में डिजिटल टाइमर से लैस एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) शामिल है। आईईडी को बाद में बम निरोधक दस्ते द्वारा सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी गारो हिल्स के गहरे जंगलों में उग्रवादी संगठनों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार और गोला-बारूद बरामद किए जा चुके हैं।

इस बीच, विलियमनगर पुलिस थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1ए)(1बी) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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