शिलांग , फरवरी 07 -- मेघालय के पूर्वी जैंतिया हिल्स जिले में शनिवार को अवैध रैट-होल कोयला खदान से दो और शव बरामद किये गये, जिससे डायनामाइट धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गयी।

अधिकारियों ने नौ अन्य के घायल होने की भी जानकारी दी और बताया कि इस मामले में शामिल तीन अन्य लोगों को शनिवार को ही गिरफ्तार किया गया है। इससे गिरफ्तार लोगों की संख्या पांच हो गयी। पुलिस ने उम्पलेंग सीमेंट बाजार में उनके पास से 63 डेटोनेटर जब्त किये हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ विशेष बचाव दल की संयुक्त टीम 100 फुट गहरे रैट-होल कोयला खदान से खनिकों को बचाने की पूरी कोशिश कर रही हैं। खनिकों के परिवार वालों का दावा है कि उनके अपने खदान में फंसे हैं।

पूर्वी जैंतिया हिल्स जिले के पुलिस मुखिया विकास कुमार ने कहा कि खोज और बचाव दल ने खदान से दो और लाशें निकाली हैं। इसी के साथ मरने वालों की संख्या अब 27 हो गयी है।

मृतकों की पहचान असम के कछार जिले के नारायण मजूमदार और सलीम उद्दीन चौधरी के रूप में हुई है।

श्री कुमार ने आगे कहा कि गिरफ्तार दो खदान मालिक शमेही वार (42) और फॉर्मे चिरमांग (36) को अपराध स्थल पर ले जाया गया, ताकि अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट को फिर से बनाया जा सके।

पुलिस ने कहा कि वार और चिरमांग ने अपनी कोयला खदानों की पहचान की और 'खदान मैनेजर मिथुन और अर्नेस्ट स्वर' का नाम बताया। मेघालय पुलिस की जांच टीम ने उस खदान से डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर और डेटोनेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली तार भी जब्त की है।

सूत्रों ने कहा कि गुरुवार सुबह हुए सबसे खतरनाक खनन हादसे के बाद मिथुन और स्वर दोनों छिप गये हैं। श्री कुमार ने कहा, "धमाके और अवैध खदान गतिविधि मामले में फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने की पूरी कोशिश की जा रही है, जो मालिक, मैनेजर और सुपरवाइजर हैं।"खलीहरियत पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। रात होने पर फंसे खनिकों की तलाश रोक दी गयी। रविवार सुबह भी उनकी तलाश जारी रहेगी।

इस बीच श्री कुमार ने कहा कि पूर्वी जैंतिया हिल्स जिले के अलग-अलग इलाकों में कोयले से लदे चार ट्रक जब्त किये गये हैं, जबकि खनिज संसाधन निदेशालय (डीएमआर) के अधिकारियों और पुलिस का संयुक्त दल जिले में बड़े पैमाने पर खदान बंद करने, कोयले के डंप जब्त करने और मजदूर शिविर नष्ट कर रही हैं।

मेघालय उच्च न्यायालय ने राज्य में अवैध कोयला खदानों पर प्रतिबंध के बाद पर्यावरण को ठीक करने के लिए जांच, निगरानी और सुझाव देने के लिए एक सदस्यीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) ब्रोजेंद्र प्रसाद कटके समिति बनायी है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने अप्रैल 2014 में मेघालय में खतरनाक रैट-होल कोयला खदानों पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि यह अवैध, अवैज्ञानिक है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इससे कई खनिकों की जान जा चुकी है।

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