फगवाड़ा , दिसंबर 19 -- राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा, पंजाब इकाई के संयोजक सरवर गुलाम शबा के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने शुक्रवार को फगवाड़ा में डॉ. नुसरत परवीन के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला जला कर रोष मार्च किया।
विरोध मार्च गौशाला बाजार की जामा मस्जिद से शुरू हुआ और कपूरथला जिले के फगवाड़ा तहसील के गोल चौक तक पहुंचा। मार्च के दौरान, प्रतिभागियों ने बिहार सरकार और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाये, अपना विरोध जताया और जवाबदेही की मांग की। गोल चौक पहुंचने पर, प्रदर्शनकारियों ने विरोध के प्रतीक के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला जलाया।
मीडिया को संबोधित करते हुए सरवर गुलाम शबा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की और उन पर डॉ नुसरत परवीन के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की मांग की और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा देने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ नुसरत परवीन को बिना किसी राजनीतिक दबाव या धमकी के न्याय मिलना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के बाद, फगवाड़ा की पुलिस अधीक्षक माधवी शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें उचित कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गयी। एक अन्य ज्ञापन नायब तहसीलदार गुरबचन सिंह को सौंपा गया, जो भारत के राष्ट्रपति को संबोधित था और इसमें समुदाय की चिंताओं और इस मुद्दे से संबंधित मांगों को रेखांकित किया गया था। अपराह्न तीन बजे विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया और प्रतिभागी बिना किसीअप्रिय घटना के तितर-बितर हो गये। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि विरोध प्रदर्शन की पूरी अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रही।
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