अररिया, अक्टूबर 28 -- जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को कहा कि सीमांचल के मुसलमानों को अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लालटेन में तेल बन कर जलने की जगह नया रास्ता ढूंढ लेना चाहिए और जनसुराज जैसी पार्टी से जुड़ कर वैसे हिंदुओ के साथ राजनीतिक मोर्चा बनाना चाहिए जो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के विरोधी तथा महात्मा गांधी, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, रामनोहर लोहिया एवं जयप्रकाश नारायण (जेपी) जैसे समाजवादियों के पोषक हैं।

श्री किशोर ने जोकीहाट में जनसुराज के उम्मीदवार सरफराज आलम के समर्थन में आयोजित एक जनसभा में कहा कि आज भी आरएसएस की विचारधारा से जन्मी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देश के 80 प्रतिशत हिंदुओ में से केवल 40 प्रतिशत ही समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि शेष आधे हिन्दू महात्मा गांधी, बाबा साहेब अंबेडकर, राममनोहर लोहिया और जेपी जैसे राष्ट्रवादियों या समाजवादियों को मानते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुओ का यह समाज आरएसएस की विचारधारा को नही मानता है और भाजपा को वोट नही देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हिंदुओं के मत जब मुस्लिम समाज के मत से मिलेंगे तभी भाजपा को परास्त किया जा सकता है।

जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि अभी तक बिहार के मुस्लिम बहुल क्षेत्रो में भाजपा मुसलमानों से नफरत के नाम और हिंदुओं से मत मांगती है और राजद जैसी पार्टियां भाजपा या आरएसएस से रक्षा के नाम पर मुसलमानों से समर्थन के लिए कहती है। ऐसे में समूची राजनीति एक दूसरे से रक्षा के नाम पर सिमट जाती है और कौम की बेहतरी तथा उनके बच्चों की शिक्षा जैसे मुद्दे हाशिये पर चला जाते हैं। उन्होंने इस्लाम और मुहम्मद साहब की शिक्षा का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिम कौम की बेहतरी तभी होगी जब वह अपना रहनुमा सोच समझ कर चुनेगी। उन्होंने कहा कि आज के सियासी रहनुमा चाहे सांसद, विधायक या मुखिया हों, इन्हें जनता की समस्याओं से कोई मतलब नही है। सभी अपनी बेहतरी में लगे हुए हैं।

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