नैनीताल , नवंबर 03 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत मंगलवार को कैंचीधाम आगमन को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
राष्ट्रपति का यह दौरा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले कैंचीधाम न पहुंचे।
मंदिर समिति के मैनेजर प्रदीप शाह द्वारा जारी महत्वपूर्ण सूचना में कहा गया है कि चार नवंबर (मंगलवार) को राष्ट्रपति के आगमन के कारण मंदिर में दर्शन व्यवस्था दोपहर 12 बजे के बाद ही संभव होगी। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान पूरे क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी रहेगी। श्रद्धालुओं और आगंतुकों से अनुरोध है कि वे मंदिर समिति, पुलिस प्रशासन एवं सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें और निर्धारित समय से पहले मंदिर परिसर में न पहुंचें।
समिति के अनुसार राष्ट्रपति के आगमन से पहले धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा जांच, मार्ग साफ-सफाई और यातायात नियंत्रण कार्य जारी रहेगा। इस कारण श्रद्धालुओं की एंट्री कुछ समय के लिए सीमित रखी गई है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कैंचीधाम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एनएसजी, एसपीजी, राज्य पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। राष्ट्रपति के पहुंचने से पहले पूरे मार्ग का निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की संभावना न रहे।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से पुनः अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और दोपहर 12 बजे के बाद ही दर्शन के लिए धाम में पधारें। इससे सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सहयोग मिलेगा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा भी बनी रहेगी।
मंदिर समिति के मैनेजर प्रदीप शाह ने कहा कि कैंचीधाम बाबा नीम करौली महाराज का पवित्र स्थल है, जहां देश-विदेश से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। राष्ट्रपति के इस विशेष दौरे को लेकर सभी से अपेक्षा है कि वे संयम और अनुशासन बनाए रखें, ताकि यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय रूप से संपन्न हो सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित