मुरैना , अप्रैल 9 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने छह पंचायत सचिवों को निलंबित तथा पांच ग्राम रोजगार सहायकों को कार्य से विरत कर दिया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव ने बताया कि ग्राम पंचायत बर्रेड के सचिव हाकिम सिंह को आमजन से अभद्र व्यवहार, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और प्रधानमंत्री आवास के नाम पर अवैध राशि मांगने के आरोप में निलंबित किया गया है। वहीं ग्राम रोजगार सहायक सौरभ सिंह सिकरवार को आवास योजना में ठगी के आरोप में कार्य से विरत किया गया है। ग्राम पंचायत नहरावली के सचिव राजेश शर्मा को पात्र हितग्राहियों को योजना से वंचित करने के आरोप में निलंबित किया गया, जबकि संबंधित रोजगार सहायक बृजमोहन शर्मा को भी कार्य से हटाया गया है।

ग्राम पंचायत अमलीडा के रोजगार सहायक सुखवीर सिंह तोमर को विकास कार्यों में लापरवाही, मनरेगा में अनियमितता और ग्रामीणों को धमकाने के आरोप में कार्य से विरत किया गया है। ग्राम पंचायत कोंथरखुर्द के सचिव राजेंद्र सिंह तोमर को अभिलेख प्रस्तुत न करने, स्वच्छता व प्रकाश व्यवस्था में लापरवाही और निर्माण कार्य अधूरे पाए जाने पर निलंबित किया गया है।

ग्राम पंचायत कैमाराकलां के तत्कालीन सचिव रामस्वरूप रावत को मनरेगा के तहत फर्जी भुगतान करने के गंभीर आरोप में निलंबित किया गया है, वहीं इस प्रकरण में संलिप्त रोजगार सहायक बबलू जाटव को भी कार्य से विरत किया गया है।

ग्राम पंचायत मृगपुरा में शिकायतों की जांच में सचिव शिवराज सिंह परमार दोषी पाए गए, जिन्हें निलंबित किया गया है, साथ ही रोजगार सहायक विनोद परमार को भी कार्य से हटाया गया है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत जखौदा के सचिव श्रीकृष्ण बरैया को मुख्यालय पर अनुपस्थित रहने, योजनाओं में लापरवाही और अवैध राशि मांगने के आरोप में निलंबित किया गया है।

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