लखनऊ , फरवरी 15 -- उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को मुद्रा लोन योजना के तहत कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है।

एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार को लखनऊ के मडियांव थाना क्षेत्र स्थित आईआईएम रोड के पास सहारा होम्स के निकट से अभियुक्त आमिर अहसन (31) को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त मऊ का रहने वाला है और बीए तथा ड्राफ्टमैन डिप्लोमा धारक है। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, तीन डेबिट/क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, चार लग्जरी चार पहिया वाहन (दो इनोवा क्रिस्टा, एक एक्सयूवी-500 और एक सियाज) तथा 730 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

एसटीएफ को प्राप्त शिकायत के अनुसार गिरोह बैंक कर्मियों की मिलीभगत से लोगों के आधार और पैन कार्ड में फोटो एडिट कर फर्जी कंपनियों के नाम पर मुद्रा लोन स्वीकृत कराता था। पीड़ितों से बहाने से दस्तावेज और हस्ताक्षर कराकर उनके नाम पर लोन निकाल लिया जाता था, जबकि उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं होती थी। बाद में पीड़ितों को ईएमआई के संदेश मिलने पर ठगी का पता चलता था।

इस मामले में एसटीएफ ने पूर्व में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जानकीपुरम के शाखा प्रबंधक गौरव सिंह समेत चार आरोपियों को 13 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आमिर अहसन को गिरोह का मास्टरमाइंड पाया गया।

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज, फर्जी कंपनियों के कोटेशन और बैंक अधिकारियों से सांठगांठ कर अब तक 100 से अधिक लोगों, फर्मों और कंपनियों के नाम पर विभिन्न बैंकों से मुद्रा लोन लेकर करोड़ों रुपये की ठगी की है।

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