पटना , जनवरी 12 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को 'एग्री स्टैक' एवं किसान रजिस्ट्री अभियान से संबंधित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा कृषि विभाग की तरफ से 06 जनवरी से 11 जनवरी तक चलाए गए विशेष अभियान की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने प्रथम चरण के किसान रजिस्ट्री अभियान में जिलाधिकारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जिलाधिकारियों से प्राप्त फीडबैक और बताई गई समस्याओं को ध्यान में रखना अत्यंत आवश्यक है। यह अनुभव अगले चरण के अभियान को और अधिक प्रभावी और सफल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

प्रस्तुतिकरण के दौरान पोर्टल और पंजीकरण प्रक्रिया में आ रही तकनीकी बाधाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने एनआईसी को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर और डेटा प्रविष्टि में जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनका त्वरित निराकरण किया जाए, जिससे किसानों को पंजीकरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

श्री अमृत ने निर्देश दिया कि किसान रजिस्ट्री की प्रक्रिया केवल अभियान तक सीमित न रहकर एक सतत प्रक्रिया के रूप में चलती रहनी चाहिए।अभियान के अगले चरण में पंजीकरण की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए।

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि पिछले एक सप्ताह के अभियान में डेटा एकत्रीकरण की क्या स्थिति रही और भविष्य में किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

बैठक में संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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