पटना, अप्रैल 06 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को 'क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप' (सीएमजी ) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य की वर्तमान आपूर्ति व्यवस्था और बुनियादी ढांचा की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक के साथ-साथ कृषि, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सहकारिता, श्रम संसाधन, ऊर्जा, परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया ।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य में पीएनजी पाइपलाइन कार्यों की धीमी गति पर गहरी असंतुष्टि व्यक्त की और सभी तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश दिए कि वे धरातल पर उतरकर 'मिशन मोड' में कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में कोताही बरती गई, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार के विभिन्न जिलों में तेल कंपनियों द्वारा घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने की प्रगति की समीक्षा की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पटना और मुजफ्फरपुर जैसे कुछ जिलों को छोड़कर, अधिकांश क्षेत्रों में लक्ष्य की तुलना में वास्तविक कनेक्शनों की संख्या कम है। कई स्थानों पर भूमि आवंटन में देरी और 'पेसो' अनुमोदन की प्रतीक्षा जैसी तकनीकी बाधाएं हैं ।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित