हैदराबाद , अप्रैल 05 -- मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को हैदराबाद के राजेंद्रनगर में तेलंगाना उच्च न्यायालय के 'जोन-II' भवनों का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मजबूत न्यायिक बुनियादी ढांचे के पर जोर दिया।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर बड़े कार्य के तीन चरण होते हैं- शुरुआत, प्रगति और पूर्णता। उन्होंने उल्लेख किया कि उच्च न्यायालय परिसर इस समय विस्तार के महत्वपूर्ण दौर में है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अदालत कक्ष न्यायपालिका का प्रत्यक्ष चेहरा होते हैं, लेकिन उनके पीछे एक विशाल सहायता प्रणाली होती है, जो न्याय वितरण को सुचारू बनाये रखती है।

आधुनिक बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर बात करते हुए सीजेआई ने कहा कि यह नया परिसर संस्थागत दक्षता और स्वतंत्रता को बढ़ायेगा। इसमें अदालत कक्ष, प्रशासनिक कार्यालय, आवासीय परिसर, प्रशिक्षण केंद्र और वकीलों के लिए समर्पित स्थान जैसी एकीकृत सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि ऐसा आत्मनिर्भर परिसर न्यायपालिका के दैनिक कामकाज को मजबूत करेगा और अलग-अलग परिसरों पर निर्भरता कम करेगा।

जोन-II के डिजाइन का जिक्र करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह पूरे परिसर के लिए बुनियाद की तरह काम करेगा, जो लंबी अवधि के संस्थागत विकास में सहायक होगा। उन्होंने न्यायिक स्मृतियों को सुरक्षित रखने के लिए 'सेंट्रल रिकॉर्ड रूम' और कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों के लिए ऑडिटोरियम जैसी सुविधाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने इस परियोजना को न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करने वाली एक ऐतिहासिक पहल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया उच्च न्यायालय परिसर अगली एक सदी के लिए 'न्याय के मंदिर' के रूप में काम करेगा। उन्होंने न्यायपालिका को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न्यायपालिका के प्रति सरकार के सम्मान और नागरिकों को तेज व अधिक कुशल न्याय सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि इस परिसर को देश के सबसे बड़े और सबसे आधुनिक उच्च न्यायालय परिसरों में से एक के रूप में विकसित किया जायेगा, जो सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में नये मानक स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 100 एकड़ भूमि आवंटित की है और इसके कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त धनराशि स्वीकृत की है। विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि आवासीय और अन्य संबद्ध बुनियादी ढांचे सहित पूरे उच्च न्यायालय परिसर का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जायेगा।

इससे पहले स्वागत भाषण में तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने कहा कि 'जोन-II' का विकास पूरी परियोजना में महत्वपूर्ण चरण है, जिसे न्यायपालिका की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए चरणों में लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जोन-II में विशाल क्षेत्र में फैले आवासीय परिसर, एक केंद्रीय रिकॉर्ड रूम और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे शामिल होंगे।

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