पटना , जनवरी 02 -- भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान शनिवार को पटना उच्च न्यायालय परिसर में न्यायिक आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

मुख्य न्यायाधीश पटना उच्च न्यायालय परिसर में एडीआर भवन, सभागार, प्रशासनिक ब्लॉक, आईटी भवन, बहुमंजिला कार पार्किंग, आवासीय परिसर, महाधिवक्ता कार्यालय के एनेक्स भवन और अस्पताल भवन का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा वे पटना से ही गयाजी में नवनिर्मित जजेस गेस्ट हाउस का ई- उद्घाटन करेंगे और पटना के पुनपुन प्रखंड अंतर्गत पोठही गांव में बिहार न्यायिक अकादमी के नये कैंपस के लिये भूमि पूजन समारोह में भी भाग लेंगे।

इन कार्यक्रमों में भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, पटना उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर सिंह समेत पटना उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश उपस्थित रहेंगे। वहीं उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू वर्चुअल माध्यम से समारोह से जुड़ेंगे।

उल्लेखनीय है कि पटना उच्च न्यायालय परिसर में न्यायिक एवं प्रशासनिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिये 302.56 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक बुनियादी ढांचा उन्नयन परियोजना संचालित की जा रही है। कुल 46,675 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित होने वाली इन परियोजनाओं का पर्यवेक्षण बिहार विधि विभाग की ओर से किया जा रहा है।

इसके तहत एडीआर भवन और सभागार, बहुमंजिला कार पार्किंग, प्रशासनिक एवं आईटी भवन, आवासीय परिसर और जी 4 अस्पताल भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिससे न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आगंतुकों को आधुनिक सुविधायें मिलेंगी।

वहीं 38.77 एकड़ में विकसित हो रहा बिहार न्यायिक अकादमी का नया कैंपस देश की सबसे बड़ी न्यायिक अकादमियों में शामिल होगा, जो न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास में अहम भूमिका निभायेगा। यह आयोजन बिहार में न्याय प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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