नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को झारखंड की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों की के देवघर में समीक्षा की और चुनावों की निष्पक्षता बनाए रखने में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया।
आयोग के अधिकारियों ने यहां बताया कि देवघर में श्री कुमार ने बीएलओ की बैठक को संबोधित किया और के साथ बातचीत की1 मुख्य चुनाव आयुक्त ने एसआईआर अभ्यास के लिए किए जा रहे ज़मीनी स्तर के काम पर संतोष व्यक्त किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सटीक मतदाता सूची का होना प्राथमिक शर्त है। कुमार ने कहा, "एक शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की नींव है, और बीएलओ इसके मूलभूत स्तंभ हैं।" उन्होंने ज़मीनी स्तर के अधिकारियों की प्रतिबद्धता और लगन की सराहना की।
एसआईआर का उद्देश्य हर योग्य मतदाता को सूची में शामिल करना और अयोग्य या दोहरी प्रविष्टियों को हटाना है1बूथ स्तर पर मतदाताओं के साथ चुनाव आयोग के पहले संपर्क बिंदु के रूप में काम करने वाले बीएलओ इस काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के.रवि कुमारने कहा कि राज्य मशीनरी जिला प्रशासनों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुनरीक्षण पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए मतदाता जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने के कार्यक्रम स्वीप ( सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) के तहत मतदाता जागरूकता पहलों को भी तेज़ किया जा रहा है।
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