रांची , जनवरी 03 -- झारखंड के मुख्यमंत्री हेंमत सोरेन ने जयपाल सिंह मुंडा और सावित्रीबाई फुले की जयंती पर नमन किया है।

श्री सोरेन ने अपने सोशल मीडिय पर लिखा, जयपाल सिंह मुंडा जी की जयंती पर उस दूरदर्शी आदिवासी नेता को नमन, जिन्होंने आदिवासी अस्मिता, अधिकार और स्वशासन की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया। वे केवल एक महान खिलाड़ी नहीं, बल्कि संविधान सभा में आदिवासियों की गरिमा और हक़ के सबसे मुखर प्रहरी थे।

'आदिवासी कोई पिछड़ा नहीं, बल्कि सबसे पहले इस देश के नागरिक हैं'-यह चेतना उनके विचार और संघर्ष की धुरी थी। जल, जंगल और ज़मीन पर आदिवासी समाज का अधिकार सुनिश्चित करना उनका सपना था। उनका जीवन आज भी हमें न्याय, आत्मसम्मान और आदिवासी स्वशासन के लिए संघर्ष का साहस देता है।

वहीं श्री सोरेन ने लिखा सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उस साहसी समाज सुधारक को नमन, जिन्होंने शिक्षा को सामाजिक बराबरी की सबसे बड़ी ताक़त बनाया।उन्होंने शब्दों से नहीं, अपने जीवन के संघर्ष से समानता और न्याय का अर्थ समझाया।

ऐसे दौर में जब महिलाओं और वंचित वर्गों को जानबूझकर पीछे रखा गया, सावित्रीबाई फुले ने ज्ञान के माध्यम से उन्हें आत्मसम्मान और अधिकार की चेतना दी। शोषितों के साथ खड़ा होना उनका दायित्व था और भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष उनकी पहचान। उनका जीवन आज भी हमें न्याय, संवेदना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प देता है।

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