रायपुर , मई 04 -- छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को विभिन्न जिलों के ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर चौपाल लगाई जहां आमजन से सीधा संवाद, समस्याओं का त्वरित समाधान और विकास कार्यों की घोषणाएं की गईं। इस दौरान योजनाओं के जमीनी प्रभाव, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के प्रयास स्पष्ट रूप से सामने आए।

मुख्यमंत्री का खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। महिला स्व-सहायता समूहों ने आम, महुआ, चार, कुटकी, रखिया बड़ी और पपीता से सजी टोकरी भेंट कर स्थानीय परंपरा और आत्मनिर्भरता की झलक प्रस्तुत की। स्कूली बच्चों ने गुलमोहर और कनेर के फूलों से स्वागत किया। कटहल और गुलमोहर की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।

चौपाल के दौरान पेयजल समस्या पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरोधी और आसपास के क्षेत्रों के लिए पीडीएस दुकान, ग्राम पंचायत भवन, स्कूल भवन, सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण, पुल निर्माण, 108 एम्बुलेंस तैनाती और 33 केवी सब स्टेशन जैसी कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई।

कार्यक्रम में शासन की योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित केकती मरावी ने बताया कि उन्हें अब तक 26 किश्तें मिल चुकी हैं, जिससे घरेलू खर्च में सहारा मिला है और आत्मनिर्भरता बढ़ी है। वहीं स्वच्छता कार्य से अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है।

इसी तरह चौपाल में सरलाबाई मरावी की किसान क्रेडिट कार्ड ऋण स्वीकृति से जुड़ी समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे प्रशासन की त्वरित कार्यप्रणाली सामने आई।

कबीरधाम जिले के पंडरिया क्षेत्र के कमारखोल गांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने लखपति दीदियों से संवाद किया और उन्हें आगे बढ़कर करोड़पति बनने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। यहां महिलाओं ने महुआ और चार जैसे वन उत्पाद भेंट किए। इस अवसर पर सामुदायिक भवन, सड़क निर्माण, तालाब गहरीकरण, मुक्तिधाम शेड और महतारी सदन निर्माण की घोषणाएं की गईं। चौपाल के दौरान एक नवजात शिशु का नामकरण भी किया गया, वहीं मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया।

राजनांदगांव जिले के मोतीपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 27वीं किस्त के तहत 68.52 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 642 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। इस अवसर पर विभिन्न अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं की भी घोषणा की गई, जिनमें राजमार्ग बाईपास, सड़कों के चौड़ीकरण, सर्किट हाउस, खेल मैदान और पंचायत भवन निर्माण शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुशासन तिहार एक मई से 10 जून तक प्रदेशभर में संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से सरकार स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।

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