हैदराबाद , मार्च 03 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित 'कलेक्टर कॉन्फ्रेंस' में 99 दिवसीय 'प्रजा पालन-प्रगति प्रणालिका' की समीक्षा की और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अधिकारियों को व्यापक निर्देश जारी किये।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वार्ड सदस्यों, सरपंचों, नगर पालिका वार्ड सदस्यों, अध्यक्षों, पार्षदों और महापौरों सहित जन प्रतिनिधियों को इस 99 दिवसीय कार्यक्रम में सक्रिय भागीदार बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को जिला मुख्यालयों पर उनके लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के साथ-साथ उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर मुद्रित सामग्री प्रदान करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कल्याणकारी लाभों के वितरण और पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि नये राशन कार्ड, मुफ्त चावल, इंदिराम्मा आवास, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, ऋण माफी, मुफ्त बस यात्रा और रियायती एलपीजी सिलेंडर जैसी योजनाओं के लाभार्थियों का विवरण ग्राम और वार्ड सभाओं के माध्यम से लोगों के साथ साझा किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों के 'फेसियल रिकग्निशन' की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि केवल योग्य व्यक्तियों को ही लाभ मिले। उन्होंने उदाहरण दिया कि तकनीक के जरिये 'आसरा' योजना के तहत तीन लाख अयोग्य पेंशनभोगियों को हटाया गया है।
श्री रेवंत रेड्डी ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का आह्वान किया और किसानों के लिए सोलर पंप सेट तथा घरों के लिए रूफटॉप सोलर प्लांट के बारे में जागरूकता पैदा करने का आग्रह किया। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जोड़कर उनकी सेवाओं का बेहतर उपयोग करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने जन सुरक्षा पर परिवहन विभाग को वाहनों का उचित फिटनेस परीक्षण सुनिश्चित करने, ड्राइवरों के लिए आंखों की जांच करने, गड्ढों एवं दुर्घटना-संभावित स्थानों की रिपोर्ट करने के लिए व्हाट्सएप नंबर शुरू करने और ऐसे इनपुट पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने ओआरआर और सर्विस रोड के किनारे कचरे और निर्माण अपशिष्ट के अवैध डंपिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने मध्याह्न भोजन एजेंसियों को समय पर मासिक भुगतान, कामकाजी महिलाओं, छात्र- छात्राओं के छात्रावासों के नियमन एवं पंजीकरण तथा शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में ड्रग्स या ई-सिगरेट पाये जाने पर उनकी सख्त जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों-महाविद्यालयों में मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति का भी आह्वान किया।
उन्होंने कृषि पर ध्यान केंद्रित करते हुए मिट्टी परीक्षण, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, यूरिया ऐप में सुधार, नैनो यूरिया के क्षेत्रीय प्रदर्शन और कृषि तथा नागरिक आपूर्ति विभागों के बीच घनिष्ठ समन्वय के निर्देश दिये। जिला कलेक्टरों से फसल विविधीकरण के अवसरों पर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।
यह 99 दिवसीय कार्यक्रम पांच चरणों में लागू किया जायेगा। इसमें दो अप्रैल को ग्राम सभाएं, 16 अप्रैल को मंडल स्तर के कार्यक्रम, दो मई को चुनाव क्षेत्र स्तर पर, 22 मई को जिला स्तर पर और दो जून को राज्य स्थापना दिवस समारोह आयोजित किये जायेंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार योजना विभाग नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा और कार्यक्रम की निगरानी एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये की जायेगी। इसमें स्वास्थ्य, कल्याण, शिक्षा, महिला, युवा, पर्यावरण और किसानों के कल्याण सहित 10 विषयगत क्षेत्र शामिल होंगे।
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