वाराणसी , जनवरी 04 -- त्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार से शुरू हुई 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में महापौर अशोक तिवारी द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वुडेन वॉलीबॉल भौगोलिक संकेतक टैग (जीआई) स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
काशी के शिल्पी अपनी अद्भुत शिल्पकारी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं और जब अवसर हो अपने राज्य के मुखिया को सम्मानित करने का, तब यह गर्व की बात और भी बढ़ जाती है।
पद्मश्री से सम्मानित तथा 'जीआई मैन ऑफ इंडिया' के रूप में ख्याति प्राप्त डॉ. रजनीकांत ने बताया कि 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप की जानकारी मिलते ही जीआई क्राफ्ट के स्मृति चिन्ह की तैयारी शुरू कर दी गई थी।
खोजवा निवासी तीसरी पीढ़ी के युवा शिल्पी, दिवंगत रामखेलावन सिंह के पौत्र तथा स्टेट अवॉर्ड प्राप्त राजकुमार ने यह जिम्मेदारी संभाली। बड़ी साइज की पकी हुई लकड़ी की गांठ तलाशने का सिलसिला शुरू हुआ। छांटना, काटना, खराद पर आकृति देना और मूल रंगों का प्रयोग कर 12 इंच का यह स्मृति चिन्ह बेस पर सजाकर एक सप्ताह की कड़ी मेहनत से तैयार किया गया।
कई पीस खराब होने के बाद, क्योंकि साइज बड़ी थी और लकड़ी में जोड़ नहीं करना था, अंतिम पीस सफलतापूर्वक बनाया गया।
यह स्मृति चिन्ह सभी जीआई शिल्पियों की ओर से नए वर्ष में योगी जी को भेंट किया गया। इससे बड़ी गर्व की बात और क्या हो सकती है-ऐसा कहते हुए राजकुमार की आंखें भर आईं।
ये अत्यंत शर्मीले स्वभाव के शिल्पी हैं और अपने काम को सार्वजनिक नहीं करते। राज्य सरकार से प्राप्त पुरस्कार के अलावा ये शिल्पी एजुकेशनल टॉयज बनाने में भी महारत रखते हैं।
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