बहराइच , मार्च 25 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जनपद बहराइच के भरतापुर गांव के 136 विस्थापित परिवारों के पुनर्वास हेतु एक महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। यह पहल नवंबर 2025 में सरयू नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि उक्त हादसे में बाजार से लौट रहे ग्रामीणों की नाव नदी में बह जाने से 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद उन्होंने स्वयं क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई। उन्होंने कहा कि कई परिवार बीहड़ जंगलों में रहने को मजबूर थे, जहां जंगली जानवरों-हाथी, बाघ, तेंदुए-के साथ-साथ नदी में मगरमच्छों का भी खतरा बना रहता है।

उन्होंने कहा कि इसी परिस्थिति को देखते हुए सरकार ने इन परिवारों के पुनर्वास का निर्णय लिया है। अब सभी प्रभावित परिवारों को मोतीपुर तहसील में बसाया जाएगा, जहां एक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक कॉलोनी विकसित की जा रही है। इस कॉलोनी में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, पार्क समेत सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कॉलोनी का नाम 'भरतपुर' रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को 748 वर्गफुट भूमि का पट्टा दिया जाएगा। आवास निर्माण हेतु प्रति परिवार लगभग 17.70 लाख रुपये तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए 3.55 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने शारदीय नवरात्रि तक सभी लाभार्थियों को नए आवास में प्रवेश दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया।

उन्होंने यह भी बताया कि बहराइच के छह वन्य गांवों को पूर्व में ही राजस्व गांव में परिवर्तित किया जा चुका है तथा अन्य जिलों में भी इस प्रकार की कार्यवाही जारी है।

राज्य के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले लखनऊ से बहराइच पहुंचने में लगभग दो घंटे लगते थे, जो अब सवा घंटे में पूरा हो रहा है। प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण के बाद यह दूरी मात्र 45 मिनट में तय की जा सकेगी।

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