पटना , जनवरी 15 -- बिहार के युवाओं के लिये रोजगार के नये अवसर सृजित करने को मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना और श्रम संसाधन विभाग का कौशल विकास मिशन मिलकर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।
कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं को अंग्रेजी के साथ- साथ जर्मन, कोरियन, अरबी, जापानी समेत अन्य विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बिहार के छात्र- छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के अनुरूप दक्ष बनाना, जिससे उनके लिये देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी रोजगार के नये द्वार खुल सकें।
श्रम संसाधन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह प्रशिक्षण योजना पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे राज्य के हर वर्ग के युवा इसका लाभ उठा सकें। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को समझने और सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके कौशल और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
प्रशिक्षण के उपरांत बिहार के युवाओं के हुनर को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी, बल्कि वे विभिन्न क्षेत्रों के कार्यालयों, प्रयोगशालाओं और जमीनी स्तर पर चल रही कार्यप्रणालियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
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