शिलांग , फरवरी 16 -- मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने हाल में अवैध कोयला खनन स्थल पर हुए विस्फोट के जांच के लिए एक न्यायिक आयोग के गठन कियाहै।
मुख्यमंत्री ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को विधानसभा को सूचित किया। इस घटना में कुल 33 लोगों की मौत हो गयी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रवर्तन टीम का गठन किया गया है। छापेमारी और जब्ती तेज कर दी गई है और पूरे पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में अतिरिक्त पुलिस कर्मियों और ड्रोनों को तैनात किया गया है।
श्री संगमा ने बताया कि पांच फरवरी को एक अवैध खनन स्थल पर विस्फोट हुआ था। इसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा टीमों को शामिल करते हुए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि परिजनों के बताये दो और मौतों की बाद 16 फरवरी तक कुल मृतकों की संख्या 33 हो गयी है। अनुग्रह राशि का वितरण शुरू हो चुका है। इनमें से आठ मृतकों के परिवारों को 24 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं, जबकि शेष परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि सभी बचाव एजेंसियों के साथ परामर्श के बाद नौ फरवरी को खोज और बचाव अभियान औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि विस्फोट संभवतः अवैध खनन कार्यों के दौरान विस्फोटक पदार्थों के उपयोग से हुआ था, जो भूमिगत अस्थिर स्थिति खनिकों और बचाव कर्मियों दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रही थी।
उन्होंने बताया कि खलीहियत पुलिस थाने में स्वतः संज्ञान प्राथमिकी दर्ज की गयी है और मामले की जांच के लिए डीआईजी (पूर्वी रेंज) की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का गठन किया गया है। विस्फोट के संबंध में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही सरकार ने पूरे पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में अवैध कोयला खनन और परिवहन पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त के नेतृत्व में एक जिला कार्य बल प्रवर्तन कार्यों की निगरानी कर रहा है। इसमें अवैध रूप से खनन किये गये कोयले की जब्ती, विस्फोटकों की बरामदगी, प्राथमिकी दर्ज करना, गिरफ्तारियां, क्रेन और मशीनरी को हटाना और निषेधाज्ञा लागू करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि अवैध कोयला निकासी से संबंधित अब तक कुल 62 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं, साथ ही कोयले के अवैध परिवहन के लिए पांच और विस्फोटकों से जुड़े मामलों के लिए दो प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं। उन्होंने आगे कहा कि कुल 15,224.72 टन कोयला जब्त किया गया है। छह क्रेन हटायी गयी हैं और छह वाहन जब्त किये गये हैं। अधिकारियों ने अवैध खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात करना भी शुरू कर दिया है।
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