देहरादून , सितंबर 10 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को प्रदेश के क्रियान्वयन विभाग की ओर से तैयार की गई ''मेरी योजना'' पुस्तकों पर विचार गोष्ठी में भाग लिया और इस मौके पर ''मेरी योजना पोर्टल उत्तराखण्ड '' का लोकार्पण भी किया।

उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना मार्गदर्शिका पुस्तक के तीनों संस्करणों के माध्यम से प्रदेश का हर नागरिक केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं की सभी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है,और उनका लाभ उठा सकता है। जिस उद्देश्य से इन पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया है, उस दिशा में हमारे प्रयास सार्थक सिद्ध हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही उसका लाभ राज्य के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना है। ये पुस्तकें लाभार्थियों को योजनाओं की सभी जानकारी प्रदान करने के साथ - साथ आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज व पात्रता संबंधी जानकारी भी प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में एक नई कार्य संस्कृति की स्थापना करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकेंद्रित नीतियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आज जनता से जुड़ी योजनाओं का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली विभिन्न पेंशन योजनाओं की धनराशि लोगों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति के खाते में आने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। जहां एक ओर राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं उत्तराखंड बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई अहम योजनाओं पर काम कर रही है।

राज्य में एक जनपद दो उत्पाद योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही है।

स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति जैसी कई योजनाओं से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि राज्य के स्थानीय उत्पादों और लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में प्रदान किये जाने वाले स्मृति चिन्ह राज्य में निर्मित उत्पादों के ही हो।

इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयासों से कारीगरों, महिलाओं, हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि वह जब भी किसी कार्यक्रम में जाते हैं या देशभर में सम्मानित व्यक्तियों से भेंट के दौरान भी उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद ही भेंट करते हैं।

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