पटना , मार्च 23 -- बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना के तहत नीरा उत्पादन एवं लाइसेंस नवीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

राज्य में नीरा के उत्पादन एवं बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित "मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना" को वर्ष 2025 से लागू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 के नीरा सीज़न (अप्रैल से जुलाई, 2026) में व्यापक रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

ताड़ पेड़ों से प्राप्त खमीर-मुक्त प्राकृतिक रस नीरा को निकालने का कार्य केवल लाइसेंस प्राप्त टैपर्स की ओर से ही किया जाता है। जीविका नीरा उत्पाद समूह के साथ पंजीकृत टैपर्स को मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग द्वारा विधिवत लाइसेंस प्रदान की जाती है, जिसके आधार पर वे नीरा निकालने का कार्य करते हैं।

"बिहार नीरा (ताड़ का खमीर मुक्त रस) नियमावली, 2017" के प्रावधानों के अनुसार ताड़ वृक्षों से नीरा निकालने के लिये टैपर्स को लाइसेंस प्रदान की जाती है, जिसका नवीकरण प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अनिवार्य रूप से किया जाता है।

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