पटना , अप्रैल 09 -- िहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, निर्बाध और चौबीसों घंटे आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों का व्यापक सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य के सुदूर गांवों और बसावटों तक पक्की सड़कों के निर्माण ने जनजीवन की दशकों पुरानी कठिनाइयों से निजात दिलाई है और स्थानीय लोगों को सहूलियत दी है।
एक समय था जब मुख्य मार्गों से कई किलोमीटर अंदर बसे गांवों तक पहुंचना विशेषकर रात्रि के समय अत्यंत चुनौतीपूर्ण और असुरक्षित माना जाता था।
परिवहन साधनों की कमी और कच्चे रास्तों के कारण ग्रामीणों एवं यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के फलस्वरूप यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत राज्य में कुल 31,717 ग्रामीण पथों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनकी कुल लक्षित लंबाई 43,586 किलोमीटर निर्धारित थी। वहीं अब तक 21,462 पथों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप 34,911 किलोमीटर लंबी बारहमासी पक्की सड़कों का सुदृढ़ नेटवर्क तैयार किया जा चुका है, जिसने राज्य के सुदूर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ दिया है।
इस ग्रामीण संपर्कता विस्तार का सबसे उल्लेखनीय प्रभाव ग्रामीण जनजीवन की सुरक्षा और सुगमता पर पड़ा है। अब राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक रात्रि के समय भी वाहनों की निर्बाध आवाजाही संभव हो गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ रात्रि में यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों को भी सुरक्षित और सहज आवागमन की सुविधा प्राप्त हो रही है।
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