पटना , दिसंबर 13 -- बिहार में मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना (एमएमजीएसवाय) के तहत अबतक 34 हजार, 59 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बिहार सरकार ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य की ग्रामीण सड़कों का कायाकल्प करके राज्य के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को एक नया रूप दिया है। (एमएमजीएसवाय) के तहत अबतक 34 हजार, 59 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।इससे 24 हजार से भी अधिक गांवों को पक्की सड़कों की सौगात मिली है। चूंकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 500 तक की आबादी वाले टोलों को ही शामिल किया जा गया है। इसलिए इनसे छोटे टोलों को भी सड़क संपर्कता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। अब हर टोले को पक्की बारहमासी सड़क से जोड़ने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग अग्रसर है।

ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत 43 हजार, 423 कि.मी. लंबाई की कुल 31 हजार, 594 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को अपनी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इनमें से 78 प्रतिशत से भी अधिक परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। यह राज्य में ग्रामीण संपर्कता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

ग्रामीण सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि सुरक्षा में भी सुधार आया है। इससे स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिला है, रोजगार के अवसर बढ़े हैं और कृषि व औद्योगिक गतिविधियों को गति मिली है। बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण आबादी को शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिली है, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास को मजबूती मिली है।

सड़क निर्माण की लंबाई के आधार पर मुजफ्फरपुर जिला इस योजना के क्रियान्वयन में सबसे आगे है, जहां अब तक 2,345.42 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। इसके बाद मधुबनी (2240 कि.मी.), अररिया (2137 कि.मी) और पूर्वी चंपारण (1973 कि.मी.)प्रमुख जिलों में शामिल हैं।

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