जमुई , मार्च 26 -- जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने गुरुवार को कहा कि बिहार में नीतीश कुमार की जगह मुख्यमंत्री कोई भी बने, लेकिन प्रदेश अब गुजरात के हितों को ध्यान में रखकर ही चलाया जायेगा।
श्री किशोर ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार को 202 विधायको का समर्थन प्राप्त है। बावजूद इसके वह राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस मुख्यमंत्री को लोकतंत्र में 243 की संख्या में 202 विधायकों का समर्थन हासिल होगा, वह राज्यसभा में क्यों जाएगा।
जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि श्री कुमार को बहुमत लोकप्रियता के आधर पर नहीं, बल्कि महिलाओं के खाते में 10 हजार रूपये हस्तांतरित करने की वजह से आया है और इस बात को उनकी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जानती है, इसलिए उनको राज्यसभा भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी को मालूम है कि बहुमत खरीदे गये मतों से हासिल किया गया है और इसमें चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का सहयोग से मिला है। उन्होंने कहा कि जिसकी मदद से बिहार में सरकार बनी है, अब सरकार भी वही चलाएंगे।
श्री किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार के बाद जो भी बिहार का मुख्यमंत्री बनेगा, वह गुजरात के हितों को ध्यान में रखकर सरकार चलाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार इस बात के लिए काम करेगी कि गुजरात में कारखाने चलते रहें और उनमे बिहार से जाने वाले मजदूरों की कमी न हो। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को बहुमत देकर यह तय किया है कि गुजरात के लोग बनेंगे फैक्ट्री के मालिक होंगे और बिहार के बच्चे मजदूरी करेंगे।
जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि सिर्फ चुनाव जीतना उनकी पार्टी का लक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि बिहार देश के 10 अग्रणी राज्यों में शामिल हो। सिर्फ हमारे विधायक और मंत्री बनने से बिहार में सुधार नहीं होगा, इसके लिए जमीनी लड़ाई लडनी होगी।
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