चंडीगढ़ , जनवरी 07 -- ) सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं और बजट संबंधी प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
श्री शर्मा ने बुधवार को कहा कि हरियाणा केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय नई सहकारिता नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और "सहकार से समृद्धि" के विजन के अनुरूप सहकारी संस्थाओं की भूमिका को और मजबूत किया जा रहा है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य की सहकारी समितियां अब अनाज भंडारण क्षेत्र में भी प्रवेश करेंगी। इसके लिए मुख्यमंत्री प्रांतीय सिविल सेवा (सीएम पीसीएस) से पहल करते हुए इच्छुक सहकारी समितियों की पहचान की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में पंजीकृत सभी सीएम पीसीएस को इस योजना की जानकारी दी जाए, ताकि वे अनाज भंडारण से जुड़े अवसरों का लाभ उठा सकें।
डॉ. शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य में अनाज भंडारण के लिए गोदाम निर्माण हेतु हैफेड को नोडल एजेंसी नियुक्त किया है और 10 लाख टन क्षमता के गोदामों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 3.35 लाख टन क्षमता के गोदामों को अब तक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 1.38 लाख टन क्षमता के प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति को भेजे जा चुके हैं।
सहकारी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और घाटे को कम करने के लिए एक समन्वय समिति के गठन के निर्देश भी दिए गए। समिति सभी चीनी मिलों का निरीक्षण कर सुधारात्मक सुझावों सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। गन्ना किसानों को श्रम की कमी से राहत दिलाने के लिए कटाई मशीनें सब्सिडी पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
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