जयपुर , जनवरी 02 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री कन्यादान योजना' प्रदेश की हजारों बालिकाओं के जीवन में खुशियों का उजाला भर रही है और इसके तहत लगभग 35 हजार कन्याएं लाभांवित हुई हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि 'डिजिटल सुशासन' के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था की मिसाल भी पेश कर रही है और विभाग वर्ष 2023-24 से अब तक लगभग 142.62 करोड़ रुपये व्यय कर 34 हजार 704 कन्याओं को लाभान्वित कर चुका है।

यह योजना बालिकाओं की शिक्षा को सीधे प्रोत्साहन राशि से जोड़ती है। सरकार की मंशा है कि 'बेटी पढ़ेगी, तभी आगे बढ़ेगी।' योजना के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अल्पसंख्यक समुदाय के बीपीएल परिवारों को विवाह पर 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी तरह शेष सभी बीपीएल परिवार, अंत्योदय परिवार, आस्था कार्डधारी, विधवा महिलाएं, विशेष योग्यजन, पालनहार योजनान्तर्गत लाभान्वित कन्याओं और महिला खिलाड़ियों को 21 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यही नहीं विभाग द्वारा बेटियों को शिक्षा के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी देय है। यदि बेटी 10वीं पास है, तो 10 हजार रुपये और यदि स्नातक है, तो 20 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलती है।

योजना का लाभ लेने के लिए कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और एक परिवार की अधिकतम दो कन्याओं को यह लाभ देय है।

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