लखनऊ , दिसंबर 07 -- उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जन-जन को उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों पर संचालित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला का 230वां मेला रविवार को पूरे प्रदेश में आयोजित किया गया।

वर्ष 2020 से नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे इन मेलों ने ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और उपचार सेवाओं को सुलभ बनाया है। मेले में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा आमजन के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। गर्भवती महिलाओं, नवजातों, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता और कुपोषण से बचाव को लेकर व्यापक जानकारी दी गई।

आज आयोजित मेले में कुल 1,94,219 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 81,186 पुरुष, 81,771 महिलाएं और 31,262 बच्चे शामिल रहे। मेले में पहचाने गए 1,045 गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा सेवाओं के लिए संदर्भित किया गया।

मेले के दौरान विभिन्न आवश्यक दवाओं की 4,893 गोलियां वितरित की गईं। 5,323 मरीजों के रक्त परीक्षण, 14,337 फॉर स्टूल और शुगर टेस्ट तथा 1,890 मरीजों के रेपिड टेस्ट किए गए, जिनमें कई मरीजों के रोग का निदान कर उपचार उपलब्ध कराया गया।

इसके अलावा मेले में 185 एपीएल कार्ड बनाए गए तथा कई परिवारों को गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए। रोग निदान के माध्यम से 368,399 लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। बेहतर जांच और निगरानी के तहत 1,97,229 गोल्डन कार्ड स्कैन भी किए गए।

मेले में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों को स्वच्छ पेयजल, संचारी रोगों की रोकथाम, हाथ धोने की आदत और संतुलित आहार की जानकारी दी। साथ ही तनावमुक्त जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर भी परामर्श दिया गया। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुगम बनाने में यह मेला प्रभावी साबित हो रहा है।

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