शिलांग , जनवरी 28 -- मेघालय की तीखी मिर्चों, हल्दी, तेजपत्ता सहित दूसरे खास मसालों की प्रदर्शनी और उनके बाजार विस्तार के उद्देश्य से मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड ड्राइव में 30 जनवरी से एक फरवरी तक पहले 'मेघालय स्पाइस फेस्टिवल' का आयोजन किया जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इस महोत्सव का मुख्य लक्ष्य राज्य के उच्च गुणवत्ता वाले मसालों को प्रदर्शित करना, किसानों के लिए बाजार और निर्यात संपर्कों को मजबूत करना तथा ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से मेघालय को एक प्रमुख 'मसाला केंद्र' के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन मेघालय के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और एमएसएमई को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निर्यातकों तथा खुदरा श्रृंखलाओं से सीधे जोड़ेगा।

महोत्सव में आने वाले लोगों को मेघालय के प्रसिद्ध जीआई-टैग प्राप्त 'लकाडोंग हल्दी' को देखने और समझने का अवसर मिलेगा। यह हल्दी अपनी उच्च करक्यूमिन मात्रा के लिए जानी जाती है। इसके अलावा अदरक, काली मिर्च, तेजपत्ता, दालचीनी और स्थानीय मसाला मिश्रणों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से हम अपने जैविक उत्पादों के लिए सीधे बाजार संपर्क बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा दृष्टिकोण गुणवत्ता और उद्यमिता के आधार पर मेघालय को उच्च-मूल्य वाले जैविक और जीआई-टैग कृषि उत्पादों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में पेश करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह आयोजन 2028 तक एक लाख हेक्टेयर भूमि को जैविक खेती के तहत लाने के सरकार के मिशन के अनुरूप है।

कृषि और किसान कल्याण मंत्री टिमोथी डल्बोट शिरा ने कहा कि भारत के वाणिज्यिक केंद्र मुंबई में इस उत्सव की मेजबानी करने से अंतरराष्ट्रीय मसाला व्यापार नेटवर्क तक सीधी पहुंच मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और कृषि-आधारित उद्यमों को लचीला बनाने में सहायक सिद्ध होगी। इस दौरान ब्रांड मेघालय पैवेलियन, बी2बी बैठकें और पाक प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।

गौरतलब है कि मेघालय की मिर्चों में सबसे प्रमुख स्थान 'भूत जोलोकिया' का है, जिसे दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक माना जाता है। मेघालय के गारो हिल्स क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली यह मिर्च अपने जबरदस्त तीखेपन और विशिष्ट गंध के लिए प्रसिद्ध है। इसके साथ ही, यहां 'बर्ड्स आई चिली' भी अत्यधिक लोकप्रिय है। आकार में छोटी होने के बावजूद अपने औषधीय गुणों और तीखे स्वाद के कारण इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी मांग में रहती है।

मिर्च की अन्य किस्मों में गोल आकार वाली 'दल्ले खुर्सानी' विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से तीखे अचार बनाने में किया जाता है। साथ ही, यहां 'नगा जोलोकिया' और कई अन्य स्वदेशी प्रजातियां भी उगायी जाती हैं जो स्थानीय खान-पान का अभिन्न हिस्सा हैं। ये मिर्चें न केवल मेघालय के व्यंजनों में स्वाद का तड़का लगाती हैं, बल्कि राज्य के कृषि निर्यात में भी लकाडोंग हल्दी के साथ मिलकर एक प्रमुख भूमिका निभा रही हैं, जिससे स्थानीय किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।

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