मुंबई , जनवरी 16 -- महाराष्ट्र में अंडरवर्ल्ड डॉन से राजनेता बने और पूर्व विधायक अरुण गवली की दोनों बेटियां गीता और योगिता मुंबई महानगरपालिका चुनाव में हार गईं।

सुश्री गीता और सुश्री योगिता ने मुंबई के बायकुला इलाके से अरुण गवली द्वारा स्थापित अखिल भारतीय सेना (एबीएस) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। सुश्री गीता, जो बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की तीन बार की नगरसेविका रह चुकी हैं, वार्ड नंबर 212 से चुनाव हार गईं, जबकि उनकी बहन सुश्री योगिता वार्ड नंबर 207 से पराजित हुईं।

सुश्री गीता को समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार अमरीन शेज़ाद अब्रहानी ने शिकस्त दी, वहीं सुश्री योगिता को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार श्री रोहिदास लोखंडे ने हराया।

गौरतलब है कि सितंबर 2025 में अरुण गवली को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने के बाद नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था। गवली मुंबई के साकीनाका इलाके के असलफा गांव में 2 मार्च 2007 को शिवसेना के नगरसेवक कमलाकर जमसांडेकर (46) की उनके घर और कार्यालय में हुई हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

अरुण गवली बायकुला के दगड़ी चाल से उभरे और 1980-90 के दशक में उन्होंने एक आपराधिक गिरोह चलाया, जो दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के समानांतर सक्रिय था।

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