मुंबई , दिसंबर 31 -- आगामी मुंबई नगर निगम चुनावों के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ गठबंधन और सीट बंटवारे की नयी व्यवस्था के तहत टिकट न मिलने से नाराज होकर शिवसेना (यूबीटी) के सैकड़ों पदाधिकारियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है।

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बुधवार को हालांकि इस संकट को कमतर दिखाने की कोशिश की और इन इस्तीफ़ों को उन लोगों की प्रतिक्रिया बताया 'जिनकी वफादारी सिर्फ टिकट के लिए थी'।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, परेल, वर्ली और विक्रोली जैसे शिवसेना के गढ़ों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई नेताओं का दावा है कि राज ठाकरे की मनसे के साथ गठबंधन की वजह से टिकटों की संख्या कम हो गई है, जिससे नाराजगी की लहर पैदा हुई है।

वर्ली में वार्ड 193 से हेमांगी वर्लीकर के नामांकन के कारण स्थानीय शाखा अध्यक्ष सूर्यकांत कोली ने पद छोड़ दिया और एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल कर दिया। इसी तरह का विरोध वार्ड 196 और 197 में भी देखा गया, जहाँ पूर्व पार्षदों की पत्नियों को टिकट दिए जाने पर कई और इस्तीफ़े हुए।

विक्रोली में असंतोष और भी बढ़ गया, जहाँ पार्टी के संभागीय प्रमुखों, उप-प्रमुखों और शाखा प्रमुखों ने सामूहिक इस्तीफ़ा सौंप दिया। वार्ड 202 में भी ऐसा ही विरोध सामने आया, जहाँ छह बार की पार्षद श्रद्धा जाधव को फिर से उम्मीदवार बनाए जाने के विरोध में कई पदाधिकारियों ने पार्टी छोड़ दी।

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