मुंद्रा (गुजरात) , जनवरी 8 -- निजी क्षेत्र का समुद्री बंदरगाह मुंद्रा पोर्ट कच्चे तेल की ढुलाई करने वाले बहुत बड़े मालवाहक (वीएलसीसी) श्रेणी के जलयान एमटी न्यू रीनॉन को अपनी जेटी पर प्रवेश देकर देश में ऐसे विशाल जहाजों को माल उतारने की सुविधा देने वाला देश का पहला बंदरगाह बन गया है।

अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लि. (एपीएसईजेड) द्वारा गुजरात तट पर विकसित और परिचालित मुंद्रा बंदरगाह पर 3.3 लाख घन मीटर क्षमता का यह पूरा भरा हुआ जहाज बुधवार को पहुंचा।

मुद्रा पोर्ट की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार एमटी न्यू रिनान 3.3 लाख घन मीटर कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पहुंचा और इसके साथ ही भारत पहली बार ऐसी क्षमता वाले बंदरगाह वाले देशों की सूची में शामिल हो गया, जहां पूरी तरह लदा वीएलसीसी पोत सीधे बंदरगाह पर माल उतार सकता है।

यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि अब तक ऐसे जहाजों को किसी मुख्य बंदरगार से दूसरे समु्द्र में स्थापित एक पोत खड़े किये जाने की सुविधा (एसपीएम) या एक पोत से दूसरे पोत पर माल खाली करने के अभियान पर निर्भर रहना पड़ता था। मुंद्रा की इस नई क्षमता से न केवल यह निर्भरता कम होगी बल्कि कच्चे तेल की हैंडलिंग अधिक सुरक्षित, तेज़ और लागत प्रभावी भी बनेगी। बंदरगाह का कहना है कि एमटी न्यू रिनान की बर्थिंग तेज़ हवाओं, मजबूत धाराओं और कठिन समुद्री परिस्थितियों के बीच कराई गयी। इस तरह मुंद्रा वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल उतारने की उन्नत क्रूड हैंडलिंग क्षमताओं वाला बंदरगाह बनकर उभरा है। मुंद्रा बंदरगाह पर जहाजों के आने जाने के गलियारे (ड्रफ्ट) की गहरायी 21.6 मीटर है और उससे 3.6 लाख टन तक की क्षमता के जहाजों को सीधे जेटी पर लगाया जा सकता है।

इस बंदरगाह की 400 मीटर लंबी जेटी की बर्थ के साथ गहराई 25 मीटर है और यह 333 मीटर लंबाई वाले जहाजों को संभालने में सक्षम है। वहां लगाए गए दो 20-इंच के क्रूड ऑयल लोडिंग आर्म प्रति घंटे 10,000 से 12,000 क्यूबिक मीटर तक कच्चे तेल का डिस्चार्ज कर सकते हैं। उन्नत फेंडर सिस्टम, चार ब्रेस्टिंग डॉल्फिन और छह मूरिंग डॉल्फिन, जिनमें 150 टन एसडब्ल्यूएल क्षमता वाले हुक्स लगे हैं, इस जेटी को अल्ट्रा-लार्ज जहाजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाते हैं।

मुंद्रा बंदरगाह का वीएलसीसी जेटी लगभग 489 किलोमीटर लंबी कच्चे तेल की पाइपलाइन के जरिए एचपीसीएल की राजस्थान स्थित बाड़मेर रिफाइनरी से सीधे जुड़ा हुआ है, जिसे देश की सबसे महत्वपूर्ण रिफाइनिंग परिसंपत्तियों में गिना जाता हैवित्त वर्ष 2024-25 में मुंद्रा बंदरगाह से 20 करोड़ टन टन से अधिक माल ढोया गया था।

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