नयी दिल्ली , नवंबर 17 -- वित्त मंत्रालय के राजस्व खुफिया निदेशालय ने चीन से तस्करी के जरिये भारत लाए जा रहे 30 हजार पटाखों के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
निदेशालय ने पटाखों का अवैध आयात रोकने के लिए 'फायर ट्रेल'ऑपरेशन चलाया हुआ है। इसके साथ ही निदेशालय ने इस तरह के माल की तस्करी पर नजर रखने के लिए ऑपरेशन चलाया हुआ है जिसके तहत चीनी पटाखों की तस्करी के एक और गंभीर प्रयास का भंडाफोड़ किया है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार ऑपरेशन के दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों ने मुंद्रा बंदरगाह पर चीन से आ रहा एक 40 फीट लंबा कंटेनर पकड़ा है जिसके बारे में बताया गया है कि उसमें 'गिलास सेट और 'फूलदान'रखे थे लेकिन जांच पड़ताल के दौरान गिलास के ऊपरी हिस्से के पीछे 30,000 पटाखे छिपा कर रखे गये थे। प्राधिकरण ने पिछले महीने भी मुंबई और तूतीकोरिन में चीनी पटाखों के अवैध आयात के प्रयासों को विफल कर दिया था। जब्त किये गये कार्गो कवर/पटाखों की कीमत पांच करोड़ रुपये आंकी गयी है।
विदेश व्यापार नीति के आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के अंतर्गत पटाखों का आयात 'प्रतिबंधित' है और इसके लिए विस्फोटक नियम, 2008 के अंतर्गत विदेश व्यापार महानिदेशालय और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन दोनों से वैध लाइसेंस की जरूरत होती है। आयातक के पास इस तरह के पटाखों के आयात के कोई वैध दस्तावेज़ नहीं थे और पकड़े जाने के बाद उसने स्वीकार भी किया है कि यह तस्करी का माल था। तस्करी के इन चीनी पटाखों को उनके कवर कार्गो माल सहित शनिवार को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के अंतर्गत जब्त कर लिया गया है। इस लेन-देन के साजिशकर्ता-सह-वित्तपोषक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सरकार का कहना है कि ऐसे खतरनाक सामान का अवैध आयात जन सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण बंदरगाह अवसंरचना और व्यापक शिपिंग एवं लॉजिस्टिक्स श्रृंखला के लिए गंभीर जोखिम वाला है। प्राधिकरण ऐसे संगठित तस्करी नेटवर्क का पता लगाकर और अवैध सामग्री को ध्वस्त कर जनता की सुरक्षा और देश के व्यापार एवं सुरक्षा परितंत्र की अखंडता को बनाए रखने के अपने मिशन पर अडिग है।
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