पटना , अप्रैल 08 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बताया कि मुंगेर जिले के असरगंज स्थित ढोल पहाड़ी को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए 1249.45 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
श्री चौधरी ने आज बताया कि ढोल पहाड़ी को एक समग्र पर्यटन, धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि ढोल पहाड़ी का ऐतिहासिक महत्व है। यह स्थान स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों का गुप्त अड्डा रहा है, जहां वे अंग्रेजों के खिलाफ रणनीति बनाते थे। अंग्रेजों के आने की सूचना क्रांतिकारी दूसरे क्रांतिकारियों को ढोल बजा कर देते थे। यहां स्थित बाबा मौनीनाथ मंदिर और प्राचीन गुफाएं इसकी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए जाएंगे। यहां सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बैंक्वेट हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा पब्लिक टॉयलेट, हाट बाजार, क्राफ्ट शॉप्स और वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग एरिया, पक्के रास्ते (पाथवे/ट्रेल) और बाहरी सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया जाएगा।
श्री चौधरी ने बताया कि परियोजना में मेला ग्राउंड और पिकनिक स्पॉट का विकास किया जाएगा, साथ ही ग्रीन बेल्ट और लैंडस्केपिंग के जरिए प्राकृतिक सुंदरता को और निखारा जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां सैंडस्टोन बेंच, आकर्षक प्रवेश द्वार, स्पोर्ट्स कोर्ट और बच्चों के लिए प्ले एरिया भी बनाए जाएंगे। धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए शिव प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा और पर्यटकों के लिए ऑब्जर्वेशन डेक भी बनाया जाएगा।विशेष सुविधाओं के तहत सोलर लाइटिंग, सोलर रूफटॉप, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, फायर फाइटिंग और आधुनिक विद्युत व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही पेयजल और सीवरेज सिस्टम को भी बेहतर बनाया जाएगा। इस पूरी परियोजना में प्राकृतिक संरचना को सुरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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