देहरादून , मार्च 17 -- उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा। जिसके तहत खाद्य पदार्थों की सैम्पलिंग के साथ ही जनजागरूकता पर भी फोकस रहेगा। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत, मुख्य यात्रा पड़ावों पर स्थानीय व्यापार संघों के साथ जन जागरूकता गोष्ठियों का भी आयोजन किया जायेगा।
यह जानकारी मंगलवार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से स्वास्थ्य विभाग तथा खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से कही। उन्होंने बताया कि आज हुई बैठक में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिये प्रदेशभर में 15 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। जिसके तहत खाद्य पदार्थों के सैम्पल लेने के साथ ही जन जागरूकता अभियान भी चलाने को कहा। विशेषकर चार धाम यात्रा के दृष्टिगत मुख्य पड़ावों पर पड़ने वाले बाजारों व कस्बों में व्यापारियों के साथ मिलकर जन जागरूकता गोष्ठी करने व मिलावटखोरी रोकने के लिये कड़े कदम उठाने के निर्देश दिये।
उन्होंने इस संदर्भ में खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से कार्य योजना तैयार करने को कहा। साथ ही मिलावटखोरों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिये। डाॅ. रावत ने सभी साप्ताहिक बाजार, हाट व मेलों में भी विशेष निरीक्षण के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि खाद्य संरक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के संचालन हेतु 7.34 करोड़ की कार्ययोजना भारत सरकार को भेजी गई थी, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। जिसके तहत जनजागरूकता अभियान, गोष्ठियां, आईईसी कार्यशालायाएं तथा ईट राइट कम्पेन आदि सांचालित किये जायेंगे।
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