आइजोल , अप्रैल 24 -- मिजोरम पर्यटन के क्षेत्र में खुद को भारत की शीतकालीन राजधानी के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य बना रहा है। इसी दिशा में अक्टूबर में आयोजित होने वाले एक बड़े 'पर्यटन कॉन्क्लेव' की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

इस पहल पर नयी दिल्ली स्थित मिजोरम हाउस में पर्यटन मंत्री लालनघिंगलोवा हमार और नीति आयोग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में विस्तृत चर्चा की गयी।

बैठक में कॉन्क्लेव की सफलता सुनिश्चित करने और राज्य के लिए इसके लाभों को अधिकतम करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। नीति आयोग के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप महानिदेशक स्वप्नली भट्टाचार्य ने किया।

हालिया रुझानों पर मंत्री ने कहा कि सैरांग तक रेल यातायात शुरू होने के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आया है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों की संख्या अब औसतन एक लाख प्रति माह को पार कर गयी है, जिसका श्रेय बेहतर संपर्क को जाता है। श्री हमार ने कहा, "सैरांग तक रेलवे लाइन पहुंचने से पर्यटकों की आवाजाही काफी बढ़ी है। जैसे-जैसे कनेक्टिविटी और सुधरेगी, हमें इन आंकड़ों में और वृद्धि की उम्मीद है।"उन्होंने आगे कहा कि सरकार पर्यटकों को अधिक समय तक रोकने के लिए पर्यटन स्थलों और गतिविधियों के विस्तार पर काम कर रही है। तैयारियों के हिस्से के रूप में यह निर्णय लिया गया कि मई 2026 में विज्ञान भवन में एक 'प्री-कॉन्क्लेव' बैठक आयोजित की जायेगी। इस बैठक में भारतीय पर्यटन उद्योग के प्रमुख हितधारकों के जुटने की उम्मीद है, जहां मिजोरम की पर्यटन क्षमता पर विचार-मंथन सत्र आयोजित किये जायेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि प्री-कॉन्क्लेव चर्चाओं के दौरान उत्पन्न विचारों को परिष्कृत किया जायेगा और अक्टूबर के मुख्य पर्यटन कॉन्क्लेव में कार्यान्वयन के लिए आगे बढ़ाया जायेगा। बैठक में नीति आयोग और मिजोरम सरकार के बीच सहयोग के तौर-तरीकों, जिम्मेदारियों के आवंटन और कार्यक्रम के लिए प्रमुख प्रतिभागियों की पहचान पर भी चर्चा हुई।

पर्यटन कॉन्क्लेव की इस पहल की शुरुआत पिछले साल 10 नवंबर को नीति भवन में नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल और श्री लालनघिंगलोवा हमार के बीच हुई बैठक से हुई थी, जहाँ पहली बार मिजोरम में बड़े स्तर पर पर्यटन कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया था। अक्टूबर में प्रस्तावित इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य हितधारकों की एक विस्तृत शृंखला को आकर्षित करना और राज्य में पर्यटन के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए ठोस रणनीतियां तैयार करना है।

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