अलवर , दिसम्बर 03 -- राजस्थान में अलवर जिले के कठूमर उपखंड क्षेत्र के ग्राम सुरजपुरा गांव में बुधवार को अज्ञात कारणों के चलते राष्ट्रीय पक्षी तीन मोरों की मौत हो गयी जबकि एक मोर बीमार हो गया।
राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि वैसे ही राष्ट्रीय पक्षी बहुत कम बचे हैं, उसके बावजूद भी वन विभाग इस और ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले सात दिन में करीब 20 मोरों की मौत हो चुकी है। मोरों की मौत का कारण अब तक पता नहीं चला है। आज जब अचानक सड़क पर मृत अवस्था में मोर पड़े मिले तो पुलिस को सूचना दी गयी।
ग्रामीणों ने बताया कि वे सुबह जंगल की तरफ गये थे। एक पेड़ पर से एक मोर गिरता हुआ दिखाई दिया पास जाकर देखा तो दो-तीन मोर और मरे पड़े हुए थे। इनमें तीन मोरों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक मोर की सांस चल रही थी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल रघुवीर सिंह ने घायल मोर को उपचार के लिये कठूमर पशु चिकित्सालय पहुंचाया। शेष मृत तीन मोरों की मौत की सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी गयी।
एक ग्रामीण ने बताया कि यहां सात दिनों से मौत मोरों की मौत का सिलसिला चल रहा है, लेकिन अब तक इसकी वजह का कोई पता नहीं चला है। इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी गई, लेकिन उन्होंने भी कोई सुध नहीं ली। आज इसकी सूचना पुलिस को दी गयी तो पुलिस मौके पर पहुंची ।
ग्रामीणों ने संदेह व्यक्त किया कि हो सकता है कि जहरीला चुग्गा खाने या खेत में खड़ी फसलों पर दवा छिड़काव के बाद उसको खाने से उनकी मौत हुई हो, यह जांच का विषय है और इस मामले की जांच होनी चाहिए। यह भी संभव है कि कोई सुनियोजित तरीके से इन मोरों को मारने का काम कर रहा हो। इन मोरों की निगरानी करना बहुत जरूरी है।
इधर, उपखंड अधिकारी श्याम सुंदर चेतीवाल ने बताया कि अभी संज्ञान में मामला आया है। वन विभाग एवं पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को मामले की जांच के निर्देश दिये गये हैं।
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