मुजफ्फरनगर , फरवरी 26 -- भ्रष्टाचार और भूमाफियाओं के विरुद्ध मास्टर विजय सिंह का धरना 30 वर्ष पूरे कर चुका है। 26 फरवरी 1996 को ग्राम चौसाना की लगभग चार हजार बीघा सार्वजनिक कृषि भूमि (अनुमानित कीमत करीब 900 करोड़ रुपये) तथा शामली एवं मुजफ्फरनगर की लगभग छह लाख बीघा भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर सत्याग्रह शुरू किया गया था, जो अब तक जारी है। मास्टर विजय सिंह का कहना है कि वह अब दिल्ली और लखनऊ जाकर देश-प्रदेश के उच्च पदाधिकारियों राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री, राज्यपाल आदि से मिलकर कथित भूमि घोटाले प्रकरण में कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे स्वयं जांच रिपोर्ट की समीक्षा करें और यदि वह गलत पाए जाएं तो उन्हें कठोर दंड दिया जाए।

बताया गया कि आठ अप्रैल 2019 को शामली में मुख्यमंत्री की सभा के दौरान मास्टर विजय सिंह ने भूमि घोटाले की शिकायत उठाई थी, जिस पर जांच के आदेश दिए गए थे। बाद में संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की बात कही गई। हालांकि, मास्टर विजय सिंह का आरोप है कि अब तक इस प्रकरण में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

धरने को लेकर दावा किया गया है कि यह देश और दुनिया का सबसे लंबा सत्याग्रह है, जिसे लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस, इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस सहित विभिन्न रिकॉर्ड संस्थाओं में दर्ज किया गया है। मास्टर विजय सिंह का दावा है कि उनका 30 वर्षीय सत्याग्रह वर्तमान में विश्व का सबसे लंबा धरना बन चुका है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित