सोनभद्र , नवंबर 11 -- उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले की एक अदालत ने करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व पीड़िता के घर के समीप नाले के पास सात वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 21 मई 2021 को छोटे पुत्र जंगाली निवासी दरमा, थाना रामपुर बरकोनिया, जिला सोनभद्र ने उसकी छह वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया और शिकायत करने पर जान मारने की धमकी देते हुए भाग गया।
इस मामले में कोर्ट में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई गयी थी। कोर्ट के 2 जुलाई 2021 के आदेश के अनुपालन में रामपुर बरकोनिया पुलिस ने सात जुलाई 2021 को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। मेडिकल जांच में पीड़िता की उम्र 7 वर्ष के आसपास बताई गई।पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने छोटे के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 7 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी छोटे (25) वर्ष को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
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