नयी दिल्ली , जनवरी 03 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतरत्न मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना सर्वस्व अर्पण करके भारत के लिए ऐसे काम किये, जो हम सबके लिए प्रेरणा हैं।
श्रीमती गुप्ता ने श्री वाजपेयी और श्री मालवीय के चित्रों के दिल्ली विधानसभा सदन में अनावरण के बाद शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में कहा कि वास्तव में आज का दिन बहुत ही उत्तम है, जब देश की दो महान विभूतियां जिन्होंने अपना सर्वस्व अर्पण करके भारत के लिए ऐसे काम किये जो हम सब के लिए प्रेरणा है। दोनों के राष्ट्र निर्माण में योगदान, उनके संघर्ष और विचार आज भी हम स्मरण करते हैं। विधानसभा में उनके चित्रों को स्थान में मिला है, वह आज की पीढ़ी का उनके चरणों में नमन है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी योजनाओं के माध्यम से इस देश को आगे ले जाने का काम किया। उन्होंने नदियों को जोड़ने के साथ-साथ राज्यों की सड़कों को जोड़ने के लिए जो विकास शुरू किया, वह सही मायने में भारत को विकसित देश बनाने के लिए कारगर हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन भारत माता के सपूतों को भारतरत्न से सुशोभित किया।
इससे पहले दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि गौरवशाली सदन के अंदर दो महान विभूतियों के चित्र का अनावरण किया गया, जो हमारे लिए हर्ष का पल है। उन्होंने कहा कि श्री मालवीय भारत की आत्मा के शिल्पकार थे। वह शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के महान साधक थे। उनका मानना था कि राष्ट्र का निर्माण सत्ता से नहीं, संस्कार से होता है। महामना मालवीय ने गुलामी के उस कालखंड में देश को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया था और 1916 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी और आज भी वह एशिया में सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय है। महामना का दिल्ली विधानसभा से विशेष संबंध है। वह 1910 से 1930 तक केंद्रीय विधान सभा और इम्पीरियल लेजिस्लेटिव एसेंबली के सदस्य रहे है। दिल्ली विधानसभा देश की पहली संसद है, और महामना के 440 भाषण इसी सदन में आज भी गूंज रहे हैं।
उन्होंने कहा, " हम अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशताब्दी का उत्सव मना रहे हैं, जो लोकतंत्र की गरिमा थे। उनके विचारों में गरिमा और सत्ता में रहते हुए भी वह संवेदना के प्रतीक थे। "इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत माता शीर्षक से प्रकाशित एक विशेष काफी टेबल बुक का भी भी लोकार्पण किया।
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