सक्ति , दिसंबर 08 -- छत्तीसगढ में सक्ती जिले के मालखरौदा में छोटे सीपत एवं आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों ने सोमवार को राख ढोने वाले ट्रेलर और हाईवा वाहनों के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राख से भरे भारी वाहनों के लगातार आवागमन से मुख्य मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। धूल-धुआं बढ़ने से लोगों में सांस एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं, जबकि सड़क की जर्जर हालत से रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम छोटे सीपत के सरपंच एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक अपने मांग पत्र प्रशासन को सौंपने की तैयारी में हैं। उनकी प्रमुख मांगों में भारी वाहनों के रूट परिवर्तन, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और धूल प्रदूषण पर तत्काल रोक शामिल है।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने तीन दिसंबर को कलेक्टर एवं संबंधित विभागों को ज्ञापन देकर फरसवानी-छोटे सीपत-मिशन चौक-जैजैपुर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। ज्ञापन में पांच दिन की चेतावनी दी गई थी लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

चेतावनी अवधि समाप्त होने पर आज ग्रामीण धरना-प्रदर्शन पर उतर आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आज भी संतोषजनक समाधान नहीं मिला, तो वे बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और इसके लिए शासन-प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा।

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