अमलोह , मार्च 25 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को कहा कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपने पुराने कारनामों के उजागर होने की आशंका से इतने डरे हुए हैं कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की एक ही फटकार के बाद उन्होंने वेयरहाउसिंग अधिकारी डॉ. गगनदीप एस. रंधावा की मौत की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग से यू-टर्न ले लिया है।
अकाली दल के अध्यक्ष यहां वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना के साथ पार्टी के 'पंजाब बचाओ अभियान' के तहत एक विशाल रैली को संबोधित कर रहे थे। श्री बादल ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि राजा वड़िंग ने पंजाब के उन सभी कांग्रेस सांसदों के स्टैंड का विरोध करना शुरू कर दिया है, जिन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखित रूप में डॉ. रंधावा की मृत्यु की सीबीआई जांच की मांग की थी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मुख्यमंत्री को राजा वड़िंग को घुटने पर लाने के लिए बस एक बयान की जरूरत थी कि राजा वड़िंग और उनके साले डिम्पी विनायक (जिन्होंने फरीदकोट के एक व्यवसायी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया था) से जुड़ा मामला भी अभी तक सीबीआई को नहीं भेजा गया है।" उन्होंने कहा कि श्री मान लगातार उस फाइल का डर दिखा रहे हैं, जिसमें 2021-22 में परिवहन मंत्री के रूप में राजा वड़िंग द्वारा राजस्थान से 814 बसों की बॉडी बनवाने में 100 करोड़ रुपये के घोटाले का विवरण है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजा वड़िंग के पूर्ण समर्पण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने के योग्य नहीं हैं।
पंजाब को शांति और विकास की आवश्यकता बताते हुए शिअद अध्यक्ष ने कहा, " आपने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों को देख लिया है। अब और प्रयोग करना बंद करें। पंजाब को प्रगति और समृद्धि की राह पर वापस लाने के लिए अपनी क्षेत्रीय पार्टी और उसके नेतृत्व पर विश्वास करें।" उन्होंने याद दिलाया कि अकाली दल ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान किसानों, व्यापारियों और गरीबों के लिए क्या-क्या किया है।
श्री बादल ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने मूंग की खरीद और बाढ़ के मुआवजे जैसे वादों पर किसानों को धोखा दिया है। उन्होंने भविष्य के लिए घोषणाएं कीं कि सतलुज और ब्यास नदियों में औद्योगिक या सीवेज का पानी नहीं जाने दिया जाएगा, ताकि मालवा बेल्ट में कैंसर के प्रकोप को रोका जा सके। युवाओं को 10 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 3,100 रुपये प्रति माह और शगुन योजना की राशि एक लाख रुपये की जाएगी।
मोटरसाइकिल को रोड टैक्स से मुक्त किया जाएगा। आटा-दाल योजना को विस्तार के साथ फिर से शुरू किया जाएगा।
व्यापारियों पर 'टैक्स आतंकवाद' खत्म करने के लिए 'राहत योजना' (सिंगल पॉइंट टैक्स) फिर से शुरू होगी। सभी जरूरतमंद किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन और जमीनी मालिकाना हक का मुफ्त बंटवारा (तकसीम) सुनिश्चित किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित