तिरुवनंतपुरम , दिसंबर 15 -- केरल में यहां के प्रधान सत्र न्यायालय ने सोमवार को कार्यकर्ता राहुल ईश्वर को मानहानि मामले में जमानत दे दी। उन्हें एक महिला शिकायतकर्ता के बारे में कथित ऑनलाइन टिप्पणियों के कारण गिरफ्तार किया गया था।
ईश्वर 16 दिनों से न्यायिक हिरासत में थे। पुलिस ने उन पर सोशल मीडिया पर मानहानिकारक बयान देने और पीड़िता की पहचान उजागर करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। निचली अदालतों ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि ईश्वर ने उक्त कार्य जानबूझकर किया था, जो जांच में बाधा डाल सकती है। उनके सार्वजनिक बयानों से गवाह प्रभावित हो सकते हैं और इससे यौन अपराध के मामले में पीड़ितों को दी गई गोपनीयता की गारंटी का भी उल्लंघन होता है।
वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि ईश्वर ने कोई अपराध नहीं किया है। उनकी टिप्पणियां सद्भावना से की गई थीं, जिसका मकसद मानहानि करना या पीड़िता की पहचान उजागर करना नहीं था। यह भी तर्क दिया गया कि लगातार हिरासत में रखना अनुचित है, क्योंकि जांच आगे बढ़ चुकी है और हिरासत में पूछताछ की अब आवश्यकता नहीं है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रधान सत्र न्यायालय ने कुछ शर्तों के साथ जमानत याचिका मंजूर कर ली, जिनमें जांच में सहयोग करना, जरूरत पड़ने पर जांच अधिकारी के सामने पेश होना और मामले से संबंधित कोई भी बयान सार्वजनिक या सोशल मीडिया पर न देना शामिल है।
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