नयी दिल्ली , अप्रैल 10 -- दिल्ली सरकार ने मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारी तेज़ कर दी है।
दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण नालों, दिल्ली गेट नाला और बारापुला नाला, का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि दिल्ली गेट नाले में डीसिल्टिंग का कार्य 70 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है और अब तक 21,000 टन से अधिक गाद निकाली जा चुकी है। मशीनों और श्रमिकों की तैनाती के साथ कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। वहीं बारापुला नाले के डीसिल्टिंग का कार्य लगभग 78 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जहां अब तक 31,000 टन से अधिक गाद हटाई जा चुकी है। यह प्रगति दर्शाती है कि प्रमुख नालों को मानसून से पहले पूरी तरह तैयार करने के लिए समयबद्ध और केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि चिन्हित 77 नालों में से लगभग 50 प्रतिशत डीसिल्टिंग कार्य पूरा हो चुका है और अब तक 14 लाख मीट्रिक टन से अधिक गाद निकाली जा चुकी है। विभाग ने इस वर्ष 28 लाख मीट्रिक टन गाद निकालने का लक्ष्य रखा है, जिसे तय समय सीमा में पूरा करने के लिए निरंतर कार्य जारी है।
श्री सिंह ने कहा "यह केवल नालों की सफाई नहीं है, बल्कि वर्षों की उपेक्षा को सुधारने का प्रयास है। दिल्ली गेट नाला, जो करीब 40 साल से ढका हुआ था, अब खोलकर सही तरीके से साफ किया जा रहा है। इससे ज़मीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव देखने को मिलेगा।" उन्होंने कहा "हमारा लक्ष्य स्पष्ट है, समय से पहले काम शुरू करना, तेजी से काम करना और तय समय सीमा में पूरा करना। बारापुला और दिल्ली गेट पर हो रही प्रगति यह दिखाती है कि काम केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर हो रहा है। इन दोनों नालों के सुदृढ़ होने से दरीयागंज, जामा मस्जिद, फिरोज शाह रोड, आईटीओ, साउथ एक्सटेंशन और ओखला जैसे क्षेत्रों को इस मानसून में जलभराव से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।"उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का यह अभियान राजधानी के ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें सभी प्रमुख नालों पर तेज़ी से कार्य जारी है।
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