पटना , मार्च 14 -- पटना नगर निगम के नगर आयुक्त के निर्देशानुसार शनिवार को पटना नगर निगम के सभी अंचलों में चल रहे नाला उड़ाही, सिल्ट उठाव, एंटी-लार्वा छिड़काव, मैनहोल एवं कैचपिट स्लैब के ढक्कनों की स्थिति का स्थल निरीक्षण पटना नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ने किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा स्थानीय नागरिकों से भी फीडबैक प्राप्त किया गया, जिससे जलनिकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

मानसून में जल जमाव से निपटने के लिए पटना नगर निगम की तैयारी अब अंतिम चरण में है एवं लगातार शिल्ट हटाने का काम किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ छोटे खुले नाले, मेनहॉल और कैच पिट की सफाई लगातार भी की जा रही है।

गौरतलब है कि नगर आयुक्त के निर्देश पर प्रतिदिन डे और नाइट शिफ्ट में नाला उड़ाही एवं सिल्ट हटाने का कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है। साथ ही, सिल्ट उठाव के बाद संबंधित स्थल पर चूना, ब्लीचिंग पाउडर एवं एंटी-लार्वा का छिड़काव भी किया जा रहा है।

नगर आयुक्त के निर्देश पर नाला उड़ाही में लगे सभी पदाधिकारियों द्वारा रिपोर्ट समर्पित करने से पूर्व निरीक्षण प्रतिवेदन पर स्थानीय नागरिक से सत्यापित कराने के साथ उनका नाम और मोबाइल नंबर भी लिखना होगा जिसका निगम मुख्यालय द्वारा सत्यापन भी किया जाएगा।आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026 के लिए नगर निगम द्वारा पूर्व से ही व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं।

गौरतलब है कि दूसरे चरण के नाला उड़ाई का कार्य 15 फरवरी 2026 से प्रारंभ किया गया था जिसे 30 अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थित क्षतिग्रस्त मैनहोल एवं कैचपिट स्लैब के ढक्कनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई एवं न्यूनतम समय में क्षतिग्रस्त ढक्कन को शीघ्र मरम्मत एवं प्रतिस्थापन कराने का निर्देश संबंधित अभियंताओं को दिया गया।

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