मुंबई , मार्च 06 -- भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि बल्लेबाजी करते समय संजू सैमसन मानसिक रूप से अधिक मजबूत हैं और टी-20 विश्वकप में उनके हालिया परिणाम इसी बदलाव की वजह से आए हैं।
शास्त्री ने कहा, "मुझे लगता है कि आखिरकार उन्हें यह एहसास हो गया है और वे इस बात को मान रहे हैं कि उन्हें और अधिक एकाग्र होने की आवश्यकता है। उन्हें अपने शॉट चयन में अधिक समझदारी दिखानी होगी और अपनी ताकत पर ध्यान देना होगा।संजू के साथ बात यह है कि उनके पास हर शॉट आता है, लेकिन एकाग्रता में कमी रह जाती है। मुझे लगता है कि वह मानसिक रूप मजबूत हो गया है और जब से वह टीम में आया है, तब से किसी को भी उसके कौशल या प्रतिभा पर शक नहीं हुआ है।"शास्त्री ने कहा है कि उसका सर्वश्रेष्ठ फॉर्म अभी बाकी है क्योंकि भारतीय टीम में उसकी भूमिका अब साफ तौर पर तय है।
उन्होंने कहा, "वह अभी भी सिर्फ 31 साल का है और एक असली मैच-विनर है। और जब आप (आज) जैसे शॉट खेलते हुए देखते हैं, तो उसमें क्लास, टच, पावर और जबरदस्त फोर्स दिखती है। यह बस अविश्वसनीय है।"हालांकि सैमसन का फॉर्म भारत के लिए एक सुखद सरप्राइज रहा है, लेकिन साथी ओपनर अभिषेक शर्मा की हालिया कोशिशें न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को होने वाले टी-20 विश्वकप के फाइनल से पहले कुछ चिंता का विषय हैं। अभिषेक ने अब तक टी-20 वर्ल्ड कप में सात पारियों में सिर्फ 89 रन बनाए हैं, लेकिन शास्त्री का मानना है कि भारत की एकादश में बदलाव करने में बहुत देर हो चुकी है और नंबर वन रैंक वाले टी-20 बल्लेबाजो को ब्लैक कैप्स के खिलाफ टूर्नामेंट के निर्णायक मैच में बनाए रखना चाहिए।
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