नैनीताल , अप्रैल 11 -- उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्किट हाउस हल्द्वानी में नैनीताल जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर मानव-वन्यजीव संघर्ष, पर्यटन सीजन की तैयारियों और कानून व्यवस्था पर सख्त निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसके स्थायी समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए और आधुनिक तकनीक के माध्यम से दीर्घकालिक समाधान विकसित किए जाएं।
संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग, अलर्ट सिस्टम और वन विभाग-पुलिस की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सड़कों को गड्ढामुक्त रखने, ट्रैफिक और पार्किंग की ठोस व्यवस्था बनाने, शटल सेवा और वैकल्पिक पार्किंग स्थल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रामनगर, हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही नियमित चेकिंग अभियान चलाने और 24x7 निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने जमरानी बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से पेयजल संकट दूर होगा, भूजल स्तर में सुधार होगा और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
साथ ही उन्होंने परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में वन ग्राम बिन्दुखत्ता पर भी चर्चा की और राजस्व गांव बनाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही तेज करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा विद्युत और पेयजल व्यवस्थाओं को ग्रीष्मकाल एवं मानसून के दृष्टिगत सुचारू बनाए रखने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनसुरक्षा, सुचारू व्यवस्थाएं और पर्यटन सीजन के दौरान बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
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