भोपाल , नवम्बर 4 -- मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने राज्य के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के सात मामलों में संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों से प्रतिवेदन मांगा है।
इन मामलों में भोपाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे प्रोजेक्ट के कारण हितग्राहियों को अब तक मकान नहीं मिले हैं। आयोग ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त भोपाल से जांच कर एक माह में प्रतिवेदन मांगा है।
दूसरा हमीदिया अस्पताल में नि:शुल्क शव वाहन नहीं मिलने से परिजन निजी एंबुलेंस से शव ले जाने को मजबूर हुए। इस मामले में आयोग ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा अधीक्षक हमीदिया अस्पताल से एक माह में रिपोर्ट मांगी है।
तीसरे मामले में भोपाल के विश्वकर्मा नगर और पारस नगर क्षेत्र में 20 वर्ष पुरानी पाइपलाइन से दूषित पानी सप्लाई होने की शिकायत पर आयोग ने नगर निगम आयुक्त से जांच प्रतिवेदन एक माह में देने को कहा है।
जबकि चौथे मामले में श्योपुर जिले में फसल खराब होने से परेशान किसान की आत्महत्या की घटना पर आयोग ने कलेक्टर श्योपुर से दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी है और मृतक के परिजनों को शासन की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी देने को कहा है।
पाँचवे मामले में खरगोन जिले के मोहनखेड़ी गांव में बायोगैस प्लांट में गिरने से किसान की मृत्यु के मामले में आयोग ने कलेक्टर खरगोन से दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट तथा परिजनों को देय आर्थिक सहायता की जानकारी मांगी है।
छठवें मामले में छिंदवाड़ा जिले के ग्राम गुरैया में मध्यान्ह भोजन खाने के बाद 21 बच्चों के बीमार होने की घटना पर आयोग ने कलेक्टर छिंदवाड़ा से तीन सप्ताह में जांच प्रतिवेदन मांगा है।
वही सातवें मामले में खंडवा जिले के अंधारिया गांव के ग्रामीणों को सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में हो रही परेशानियों पर आयोग ने कलेक्टर खंडवा से दो सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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